‘महापौर जनता के द्वार’ अभियान में दूषित पेयजल की शिकायत पर भड़के मेयर
रुद्रपुर,। ट्रांजिट कैंप स्थित राधा गोविंद मंदिर परिसर में आयोजित ‘महापौर जनता के द्वार’ अभियान के तहत लगे जनता दरबार में उस समय माहौल गर्म हो गया, जब स्थानीय लोगों ने अमृत योजना के बावजूद दूषित पेयजल आपूर्ति और जल सुविधा नहीं मिलने की शिकायत महापौर विकास शर्मा के सामने रखी। शिकायतकर्ताओं द्वारा वीडियो और साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद महापौर ने जल संस्थान अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान सैकड़ों लोगों की समस्याओं का समाधान भी किया गया और पीएम स्वनिधि योजना का जिला स्तरीय विशेष कैंप भी आयोजित किया गया।
रुद्रपुर ट्रांजिट कैंप स्थित श्री राधा गोविंद मंदिर परिसर में आयोजित ‘महापौर जनता के द्वार’ अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर एवं जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखीं। शिविर में नगर निगम, जल संस्थान, विद्युत विभाग, समाज कल्याण, श्रम विभाग, आयुष्मान योजना और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने मौके पर ही कई शिकायतों का समाधान किया। जनता दरबार के दौरान सबसे गंभीर मामला अमृत योजना के तहत पेयजल सुविधा और दूषित पानी की आपूर्ति का सामने आया। कई स्थानीय नागरिकों ने महापौर विकास शर्मा को बताया कि करोड़ों रुपये की लागत से संचालित अमृत योजना का लाभ अब तक कई क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाया है।
इसके साथ ही कई मोहल्लों में गंदा और दूषित पानी सप्लाई होने की शिकायत भी की गई।शिकायतकर्ताओं ने अपनी बात केवल मौखिक रूप से ही नहीं रखी, बल्कि वीडियो और अन्य साक्ष्य भी महापौर को दिखाए। वीडियो में कई स्थानों पर गंदा और मटमैला पानी आता हुआ दिखाई दिया। शिकायतों और साक्ष्यों को देखने के बाद महापौर विकास शर्मा नाराज हो गए और उन्होंने मौके पर मौजूद जल संस्थान अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।महापौर ने अधिकारियों से कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके बावजूद यदि लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा है और उन्हें शिकायतें लेकर जनता दरबार में आना पड़ रहा है, तो यह बेहद गंभीर विषय है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महापौर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में भी इसी प्रकार की शिकायतें दोबारा सामने आईं और समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो जिम्मेदार अधिकारियों का “इतिहास लिख दिया जाएगा।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।इस दौरान महापौर ने कहा कि ‘महापौर जनता के द्वार’ अभियान का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना और उनकी समस्याओं का समाधान उनके क्षेत्र में ही करना है।
उन्होंने कहा कि जनता की सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और काम केवल कागजों में नहीं बल्कि धरातल पर दिखाई देना चाहिए।जनता दरबार में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और कई विभागों से जुड़ी शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। साथ ही पीएम स्वनिधि योजना के जिला स्तरीय विशेष कैंप में भी बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स ने आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए गए।
