मजबूत बिजनेस के साथ लोन बुक में 26.6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि

देहरादून,। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड (बीएसईरू 542904य एनएसईरू उज्जीवनएसएफबी) ने मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणाम जारी किए। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के एमडी एवं सीईओ संजीव नौटियाल ने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है और आरबीआई के अनुसार वित्त वर्ष 27 में इसके 6.9प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। मजबूत घरेलू आधार, सरकार की पहल और पर्याप्त लिक्विडिटी इस वृद्धि को समर्थन दे रहे हैं। हालाँकि, पश्चिम एशिया संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन में रुकावट और सुपर एल नीनो जैसी मौसम संबंधी परिस्थितियाँ महंगाई को बढ़ावा देकर जोखिम पैदा कर सकती हैं।
13 अप्रैल को आरबीआई ने यूनिवर्सल बैंक में स्वैच्छिक बदलाव के लिए हमारे आवेदन को श्वापसश् कर दिया। आरबीआई ने हमारे लोन पोर्टफोलियो में विविधता लाने की दिशा में जारी प्रयासों को भी स्वीकार किया है और हम बेहतर विविधता वाला लोन बुक प्रदर्शित करने के बाद दोबारा आवेदन करेंगे। हम अपने यूनिवर्सल बैंकिंग के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। वित्त वर्ष 26 के दौरान हमने अपने बोर्ड और मैनेजमेंट को भी और मजबूत किया है।
वित्त वर्ष 26 की चैथी तिमाही उज्जीवन के लिए एक और महत्वपूर्ण वर्ष का समापन रही, जिसमें मजबूत एग्जीक्यूशन, बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन और लगातार रणनीतिक प्रगति देखने को मिली। यह प्रदर्शन वित्त वर्ष 26 की शुरुआत में दिए गए मार्गदर्शन के अनुरूप रहा। डिपॉजिट्स 21.4प्रतिशत सालाना और 8.2प्रतिशत तिमाही वृद्धि के साथ 45,668 करोड़ रुपए तक पहुँच गए। छोटे और विविध डिपॉजिट्स पर फोकस के चलते मार्च 2026 में सीएएसए अनुपात 28.6 प्रतिशत रहा।
उन्होंने आगे कहा, ष्ग्रॉस लोन बुक (जीएलबी) 26.6प्रतिशत सालाना और 9.7प्रतिशत तिमाही वृद्धि के साथ 40,655 करोड़ रुपए तक पहुँच गई, जिसे अब तक के सबसे अधिक तिमाही डिस्बर्समेंट 9,811 करोड़ रुपए का समर्थन मिला। सिक्योर्ड पोर्टफोलियो 43.5प्रतिशत सालाना वृद्धि के साथ 20,079 करोड़ रुपए रहा, जो हमारी दीर्घकालिक विविधीकरण रणनीति के अनुरूप है। इसके साथ ही जीएलबी में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 49.4प्रतिशत हो गई। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि गोल्ड, व्हीकल और एग्री लोन जैसे नए बिजनेस सेगमेंट्स ने तेजी से विस्तार किया है और अब हमारे कुल लोन मिश्रण में इनकी हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत हो गई है, जबकि मार्च 2025 में यह 3 प्रतिशत थी। बैंक ने मजबूत एसेट क्वालिटी बनाए रखी, जहाँ जीएनपीए ध् एनएनपीए सुधरकर 2.27प्रतिशत ध् 0.43प्रतिशत पर आ गया। पीसीआर बढ़कर 81 प्रतिशत हो गया, जिससे पर्याप्त बफर बना हुआ है। ग्रुप और इंडिविजुअल लोन बकेट-एक्स कलेक्शन एफिशिएंसी मार्च 2026 में सुधरकर 99.8प्रतिशत रही।

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