फेविकोल ने ‘कुर्सी पे नजर’ पेश किया

देहरादून,। पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने आज अपना नया फेविकोल टेलीविजन कमर्शियल, ‘कुर्सी पे नजर’ पेश किया। यह फिल्म एक बहुत ही बारीकी से देखी गई, पूरी तरह से भारतीय सांस्कृतिक सोच पर आधारित है। रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी यह फिल्म दिखाती है कि कैसे एक मामूली सी कुर्सी, सिर्फ एक फर्नीचर होने से कहीं आगे बढ़कर, घरों, दफ्तरों और संस्थानों में उम्मीद और अधिकार का एक मजबूत प्रतीक बन जाती है। फेविकोल की खास हाजिरजवाबी और अपनापन लिए हुए, ‘कुर्सी पे नजर’ भारतीय समाज में गहराई से बसी एक सच्चाई को दिखाती है। इस समाज में, कुर्सी पर कौन बैठता है, कौन उसका इंतजार करता है, और अगली बार कौन उस पर नजर गड़ाए बैठा है, ये सभी बातें अक्सर लोगों की महत्वाकांक्षा, असर और तरक्की के बदलते समीकरणों को दिखाती हैं। यह फिल्म इस रोजमर्रा की बात को एक यादगार कहानी में बदल देती है, और फेविकोल की इस काबिलियत को और मजबूत करती है कि वह आम पलों में भी बेहतरीन कहानियां ढूंढ़ लेता है। यह नया कैंपेन ब्रांड के सफर में एक अहम पड़ाव भी है। ‘कुर्सी पे नजर’ फेविकोल का फाइनल कैंपेन है जिसे विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे ने बनाया है। यह एक ऐसी क्रिएटिव साझेदारी रही है जिसने दशकों से ब्रांड की खास पहचान बनाई है, और फेविकोल के हास्य और सोच को भारत की सामूहिक यादों में हमेशा के लिए बसा दिया है।

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