बाघ के हमले से युवक की मौत, पोखी में युवक घायल

पोखी,। फतेहपुर रेंज के अंतर्गत भदूनी गांव में शादी समारोह से लौट रहे युवक की बाघ के हमले में  मौत हो गई। इसके बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहोल है। स्थानीय लोगों वन विभाग से सुरक्षा की मांग की है।
मिली जानकारी के मुताबिक, कमल सिंह (30) नामक युवक गुरुवार को भदूनी गांव से शादी के बाद लौट रहे थे। किन्तु वह घर नही पहुंचा। परिजनों ने पूरी रात उसकी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। शुक्रवार सुबह जब ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से खोजबीन शुरू की, तो जंगल में कमल सिंह का अधखाया हुआ शव बरामद हुआ।
भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर वन विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि बीते दिन ही उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को क्षेत्र में आदमखोर की सक्रियता की सूचना दी थी और ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद विभाग ने गश्त या पिंजरा लगाने जैसी कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की, जिसका खामियाजा एक युवा किसान को अपनी जान देकर चुकाना पड़ है।
बता दें कि भघूनी और आसपास के क्षेत्र में यह पिछले कुछ समय में तीसरी बड़ी घटना है। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक गुलदार को को आदमखोर घोषित कर ढेर नहीं किया जाता या पकड़ा नहीं जाता, वे शांत नहीं बैठेंगे।
रौता ग्राम पंचायत में दिनदहाड़े गुलदार का हमला, युवक घायल,  ग्रामीणों में दहशत
विकासखंड पोखरी की रौता ग्राम पंचायत में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब दिनदहाड़े गुलदार ने एक युवक पर हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। जानकारी के अनुसार थाला बैंड वार्ड के जिला पंचायत सदस्य एवं ग्रामीण बीरेंद्र राणा ने बताया कि ग्राम सभा रौता में आगामी 26 अप्रैल से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रस्तावित है। इसी क्रम में गांव के खडपटा तोक में मंच निर्माण की तैयारी चल रही थी। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे चारदृपांच युवक वहां मंच निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक हमला कर 29 वर्षीय मोहित सिंह (पुत्र शिशुपाल सिंह) को अपना निशाना बना लिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले के दौरान मोहित सिंह ने साहस का परिचय देते हुए गुलदार का मुकाबला किया। साथ मौजूद अन्य युवकों द्वारा शोर मचाने पर गुलदार मौके से जंगल की ओर भाग गया। हालांकि इस हमले में मोहित सिंह की पीठ, हाथ और पेट पर चोटें आई हैं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बीरेंद्र राणा ने बताया कि इससे पूर्व भी क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों की सूचना कई बार वन विभाग को दी जा चुकी थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण यह घटना घटित हुई। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गुलदार को पकड़ने या उसे आबादी क्षेत्र से दूर हटाने के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *