हीट वेव का असर पहाड़ों तक, बच्चों व नवजातों पर बढ़ा खतरा
रुद्रप्रयाग,। मैदानी इलाकों के साथ अब पहाड़ी क्षेत्रों में भी हीट वेव का असर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है, वहीं बच्चों और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है।
जनपद में इन दिनों गर्मी के कारण बीमार पड़ने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों और बुजुर्गों की है। उल्टी, दस्त, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।
स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिला अस्पताल ने हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए छह बेड आरक्षित कर दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके। अस्पताल में जरूरी दवाइयों और ओआरएस की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के इस दौर में विशेष रूप से बच्चों और नवजात शिशुओं का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। उन्हें धूप से बचाकर रखें, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ दें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। स्वास्थ्य विभाग आम जनमानस से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा पानी का सेवन अधिक से अधिक करने की अपील की। उन्होने बताया कि सावधानी और जागरूकता ही हीट वेव से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
