चिरबिटिया-गुप्तकाशी मार्ग को वैकल्पिक केदारनाथ यात्रा मार्ग घोषित करने की मांग
रुद्रप्रयाग,। केदारनाथ धाम यात्रा को सुव्यवस्थित करने, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से चिरबिटिया-मयाली-तैला-टाट-डंगवालगांव-कुड़ी-अदूली होते हुए बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग को वैकल्पिक केदारनाथ यात्रा मार्ग घोषित किए जाने की मांग उठी है। इस मांग को लेकर मकर संक्रांति के पावन अवसर पर चिरबिटिया मार्केट से हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान का नेतृत्व भाजपा नेता कमलेश उनियाल कर रहे हैं।
अभियान की शुरुआत करते हुए कमलेश उनियाल ने कहा कि केदारनाथ यात्रा उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन वर्तमान में रुद्रप्रयाग-तिलवाड़ा-अगस्त्यमुनि-गुप्तकाशी मार्ग पर अत्यधिक दबाव के चलते यात्रा काल में जाम, दुर्घटनाओं और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने कहा कि चिरबिटिया-गुप्तकाशी मोटरमार्ग को वैकल्पिक यात्रा मार्ग के रूप में विकसित किए जाने से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
उन्होंने बताया कि यह मार्ग लगभग 78 गांवों को जोड़ता है और वर्ष 2013 की आपदा के दौरान इसी मार्ग ने वैकल्पिक संजीवनी मार्ग की भूमिका निभाई थी, जब इसी रास्ते से लाखों यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की जान बचाई गई थी। इस मार्ग के चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण से केदारनाथ यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग मुख्यालय सहित पूरे क्षेत्र को जाम से राहत मिलेगी। साथ ही आपदा प्रबंधन की दृष्टि से भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
हस्ताक्षर अभियान से जुड़े क्षेत्रवासियों ने कहा कि यदि इस मार्ग को यात्रा मार्ग घोषित किया जाता है तो स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। होटल, ढाबे, टैक्सी, होमस्टे, गाइड सेवाएं, दुकानें, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और कृषि उपज के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवाओं के पलायन पर रोक लगेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।
हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से क्षेत्रवासी, दुकानदार एवं जनप्रतिनिधि भाजपा नेता कमलेश उनियाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री एवं शासन-प्रशासन के समक्ष सामूहिक मांग पत्र प्रस्तुत करेंगे। सभी हस्ताक्षरकर्ताओं ने जनहित और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए चिरबिटिया-बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग को शीघ्र वैकल्पिक केदारनाथ यात्रा मार्ग घोषित करने तथा इसके चैड़ीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराने की मांग की है।
