उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने किया पर्वतीय गाँधी को याद

देहरादून,। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा राज्य आन्दोलन के महानायक पर्वतीय गाँधी स्व. इन्द्रमणि बड़ोंनी की 100वीं जयन्ती पर घण्टाघर स्थित उनकी प्रतिमा पर फूलमाला चढ़ाकर श्रद्धासुमन अर्पित किये। वर्ष 2015 में हरीश रावत सरकार ने उनकी जयन्ती को संस्कृति दिवस के रूप में मनायें जाने की घोषणा की थी। आज भी संस्कृति विभाग ने उनकी जयन्ती पर उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक समूहों की अपनी-अपनी बोली भाषा में गीत संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी व पूर्व मन्त्री रविन्द्र जुगरान के साथ पिछड़ा आयोग के पूर्व अध्यक्ष ने बडोनी को याद करते हुये कहा क़ि बडोनी जी ने बड़े सादगी पूर्ण जीवन जिया और पृथक राज्य आंदोलन का आन्दोलन गांधीवादी तरीके से लड़ा। उन्होंने पौड़ी की भूख हड़ताल से सभी को लामबंद करने को एक क्रांति लाने का कार्य किया और फिर एकजुट कर आंदोलन को धार दी। प्रदेश उनके संघर्ष को सदेव याद रखेगा। पूर्व मन्त्री विवेकानन्द खंडूड़ी एवं प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती के साथ पूरण सिंह लिंगवाल ने कहा कि बड़ोंनी जेसे महापुरुष सदियों में जन्म लेते हैं। आज प्रदेशवासी राज्य की रजत जयन्ती वर्ष मना रहें हैं और बडोनी जी की 100वीं जन्मशती लेकिन आज भी प्रदेश की स्थाई राजधानी नहीं बन पाईं तों वहीं पहाड़ों पर ना पलायन रुक पाया और ना ही अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य और कोई छोटे छोटे उधोग स्थापित कर पायें। पुष्पलता सिलमाणा एवं सत्या पोखरियाल के साथ राधा तिवारी ने सरकार से मांग की कि बडोनी को पर्वतीय गाँधी के नाम से प्रसिद्धि मिली थी अतः उन्हें 100वीं जयन्ती पर श्रद्धांजलि स्वरूप भारत रत्न का पुरुस्कार प्रदान करें। सभी ने कहा कि उनके सपने अभी भी अधूरे हैं जो हम सबको मिलकर प्रदेश के विकास के लिये कार्य करना होगा और जनजागरण के साथ जल जंगल जमीं को बचाना होगा। आज उनको स्मरण करने वालों में केशव उनियाल, विवेकानन्द खंडूड़ी, अशोक वर्मा, रविन्द्र जुगरान, जगमोहन सिंह नेगी, प्रदीप कुकरेती, पूरण सिंह लिंगवाल, मोहन खत्री, हरी सिंह मेहर, विजय बलूनी, बाल गोविन्द डोभाल, हरीश पन्त, विरेन्द्र सिंह गुसांई, नारायण सिंह रावत, विरेन्द्र सिंह रावत, प्रभात डण्डरियाल, चन्द्र किरण राणा, रामलाल खंडूड़ी, राकेश नौटियाल, सत्या पोखरियाल, पुष्पलता सिल माणा, राधा तिवारी, सरोज रावत, शकुन्तला रावत, द्वारिका बिष्ट, राजेश्वरी नेगी आदि रहें।

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