बजीरा सीट को लेकर जिला पंचायत सभागार में मचा हंगामा

रुद्रप्रयाग,। जिला पंचायत बजीरा सीट पर हो रहे उप चुनाव को लेकर रविवार को हंगामा मच गया। चुनाव चिन्ह को लेकर जिला पंचायत सभागार पहुंच रही कांग्रेस प्रत्याशी को फोन से सूचना मिली कि उनके ओबीसी प्रमाण पत्र को फर्जी बताकर आपत्ति लगाई गई है, जिस कारण उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं हो पाएगा और उनका नामांकन भी निरस्त हो सकता है। ऐसे में वे मुख्य निर्वाचन अभिकर्ता के साथ जिला पंचायत सभागार पहुंची। इस दौरान रिटर्निंग ऑफिसर और प्रत्याशी के निर्वाचन अभिकर्ता के बीच बहस होने लगी। इस बीच निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थन में पैरवी करने भाजपा जिलाध्यक्ष पहुंच गए, जिसके बाद यहां जोरदार हंगामा मच गया। जहां मामले में कांग्रेस ने सत्ताधारी सरकार पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया है, वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी के फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र पर सवाल खड़े किए हैं।
बजीरा सीट से जिला पंचायत सदस्य बिमला बुटोला के आकस्मिक निधन के बाद इस सीट पर उप चुनाव होना है, जिसको लेकर इन दिनों निर्वाचन की कार्यवाही चल रही है। चुनाव को लेकर कांग्रेस अधिकृत प्रत्याशी नीलम बुटोला ने 14 नवंबर को नामांकन पत्र भरकर जमा कर दिया, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी नीतू बुटोला ने अपना नामांकन पत्र भी दाखिल किया। बीते शनिवार 15 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच के बाद प्रत्याशियों को जांच की सत्यता की रिपोर्ट देने के साथ वेबसाइट पर अपलोड किया गया। रविवार को जब कांग्रेस प्रत्याशी के साथ उनके मुख्य निर्वाचन अभिकर्ता नरेन्द्र बिष्ट चुनाव चिन्ह लेने जा रहे थे तो उन्हें सूचना मिली कि निर्दलीय प्रत्याशी नीतू बुटोला ने उनके नामांकन पत्रों पर आपत्ति लगाई है। उनके ओबीसी प्रमाण पत्र को फर्जी बताया गया है, जिस पर जांच होगी। उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं हो सकता और उनका नामांकन भी निरस्त हो सकता है। इसके बाद वे जिला पंचायत सभागार पहुंचे और रिटर्निंग ऑफिसर से बातचीत की। इस दौरान काफी बहस होने लगी तो मीडिया भी मौके पर पहुंच गई। मुख्य निर्वाचन अभिकर्ता नरेन्द्र बिष्ट ने कहा कि बीते शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच कर वेबसाइट पर अपलोड किया गया और रविवार सुबह बताया गया कि ओबीसी प्रमाण पत्र फर्जी है। उन्होंने इसे सत्ताधारी भाजपा का षड़यंत्र बताया। उन्होंने कहा भाजपा को अपनी हार का डर है। एक ओर भाजपा अपना प्रत्याशी उतारने से डर गई तो दूसरी तरफ निर्दलीय प्रत्याशी को मोहरा बनाकर चुनाव में विघ्न पैदा करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी को प्रलोभन दिया जा रहा है। उन्हें चुनाव में खड़ा ना होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वोटिंग से पहले खरीद फरोख्त की का सिस्टम भाजपा नेताओं ने शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि बजीरा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी की जीत के डर से भाजपा गबराहट महसूस कर रही है। निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थन में भाजपा जिलाध्यक्ष पैरवी कर रहे हैं, जो अपना ही प्रत्याशी खड़ा करने से कतरा गए। कहा कि सत्ताधारी नेता रिटर्निंग ऑफिसर पर भी दबाव बना रहे हैं। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी की ओर से पैरवी करने उतरे भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने कांग्रेस प्रत्याशी नीलम बुटोला पर फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र लगाकर नामांकन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी के मायके में जांच के बाद पता चला कि उनका ओबीसी प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बना है। नियमों में साफ है कि वर्ष 2014 के बाद राजपूत, सुनार ओबीसी के दायरे में नहीं आते हैं। कांग्रेस प्रत्याशी ने वर्ष 1998 के ओबीसी प्रमाण को आधार बनाकर चुनाव में नामांकन करवाया है, जो गलत है। इनका प्रमाण पत्र नायब तहसीलदार ने जारी किया है, जिसको लेकर तहसीलदार ने भी स्पष्ट किया कि ये प्रमाण पत्र भूलवश जारी किया गया है, जिस पर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे चुनाव आयोग से लेकर कोर्ट की शरण लेंगे।
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