सत्यं शिवं सुन्दरम का सूत्र सिखाती है भगवान शिव कथाः डॉ. सर्वेश्वर
देहरादून,। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा हुडा ग्राउंड, यूरो इंटरनेशनल स्कूल के पास, सेक्टर-10, गुरुग्राम, हरियाणा में 9 से 15 नवंबर 2025 तक सात-दिवसीय भगवान शिव कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसका समय शाम 5 बजे से रात्रि 8ः30 बजे तक निर्धारित है। कार्यक्रम का शुभारंभ रुद्री पाठ के साथ वैदिक रीति से किया गया। इसके पश्चात यजमान परिवारों द्वारा विधि-विधान पूर्वक शिव महापुराण का पूजन सम्पन्न किया गया, जिसके द्वारा कथा की पवित्र शुरुआत हुई। कथा के प्रथम दिवस दिव्य गुरु आशुतोष महाराज के शिष्य कथा व्यास डॉ. सर्वेश्वर जी ने कथा माहात्म्य का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान शिव की महिमा ऐसी है जो देश-काल की समस्त सीमाओं से परे विश्व के कण-कण में समाहित है। आज केवल भारत ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण विश्व में भगवान शिव की उपासना के असंख्य प्रमाण मिलते हैं। उदाहरणस्वरूप तुर्किस्तान के बेबीलोन में 1200 फुट का विशाल शिवलिंग, स्कॉटलैंड में स्वर्णजड़ित शिवलिंग, आयरलैंड के तारा हिल में प्राचीन शिवलिंग, तथा दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, मेक्सिको, जावा, कम्बोडिया, सुमात्रा, नेपाल, भूटान, इटली एवं यूरोप के विभिन्न क्षेत्रों में प्राचीन शिवलिंगों के प्रमाण उपलब्ध हैं। ये सभी साक्ष्य भगवान शिव की सर्वगम्यता एवं वैश्विक प्रसिद्धि को दर्शाते हैं। भारत में अनेक विदेशी आक्रमणों एवं सामाजिक परिवर्तनों के बाद भी यदि भारतीय संस्कृति आज भी जीवंत है, तो इसका कारण इसकी धमनियों में प्रवाहित होता शिव तत्व है। परंतु आधुनिकता की अंधी दौड़ में आज की पीढ़ी शिव तत्व से दूर होती जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप समाज में हिंसा, वैमनस्य और मतभेद बढ़ रहे हैं। प्रभु की यह पावन कथा इसी सनातन शिव तत्व को जागृत करने हेतु है, क्योंकि ब्रह्मज्ञान के माध्यम से शिव तत्व भीतर प्रकट होता है। जब मनुष्य “सत्यं शिवं सुन्दरम” के पथ का अनुसरण करता है, तभी उसका जीवन कल्याणकारी स्वरूप को प्राप्त करता है।
